(अ) संरक्षण सदस्यः - संस्था को जिस व्यक्ति द्वारा अभिदान के रूप में रूपये 15000/- एकमुश्त जमा किया जावेगा, वह समिति का संरक्षक सदस्य होगा। (ब) आजीवन सदस्य:- संस्था को जिस व्यक्ति द्वारा अभिदान के रूप में रूपये 12000 / - एकमुश्त जमा किया जावेगा, वह समिति का आजीवन सदस्य होगा । कोई भी आजीवन सदस्य अंतर की राशि को रूपये 3000/- देकर संरक्षक सदस्य बन सकता है। (स) साधारण सदस्यः - जिस व्यक्ति द्वारा रूपये 200/- माह रूपये बनाया जा सकेगा। साधारण सदस्य केवल उसी अवधि के लिए सदस्य होगा जिसके लिए उसने अभिदान दिया है जो साधारण सदस्य बिना संतोषजनक कारणों के छः माह तक अभिदान नहीं देगा उसकी सदस्यता समाप्त हो जायेगी। ऐसे सदस्य द्वारा संस्था के लिए नया आवेदन पत्र देने तथा अभिदान की राशि देने पर पुनः सदस्य बनाया जा सकता है। (द) सम्मानीय सदस्यः– संस्था की प्रबंधकारिणी किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को उस समय के लिए जो वह उचित समझे सम्मानीय सदस्य बना सकती है, ऐसे सदस्य साधारण सभा की बैठक में भाग ले सकते है परन्तु उसको मत देने का अधिकार नहीं होगा।
जो भी सेवा निवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी जो समिति का सदस्य बनने का इच्छुक हो लिखित रूप में आवेदन करना होगा ऐसा आवेदन पत्र प्रबंधकारिणी समिति को प्रस्तुत होगा। प्रबंधकारिणी समिति को आवेदन पत्र को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार होगा ।
संस्था का सदस्य बनने के लिये किसी व्यक्ति में निम्नलिखित योग्यता होना आवश्यक है:- 1. भारतीय नागरिक हो । 2. छ.ग./म.प्र. में राजपत्रित पुलिस अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे हों । 3. समिति के उद्देश्यों एवं नियमों के पालन की प्रतिज्ञा की हो ।
संस्था की सदस्यता निम्नलिखित स्थिति में समाप्त हो जावेगी:- 1. मृत्यु हो जाने पर । 2. पागल हो जाने पर । 3. नियम 5 के अनुसार सोसाइटी को देय सदस्यता की रकम जमा करने में असफल रहने पर । 4. त्याग पत्र देने पर यदि स्वीकृत हो जाता है तो और 5. नैतिक अधमता से संबंधित किसी अन्य कारण के सिद्ध हो जाने पर और प्रबंधकारिणी समिति द्वारा प्रस्ताव पारित किया जाकर निष्काषित करने पर तथा ऐसा निर्णय संबंधित सदस्य को लिखित में संसूचित किया जाना चाहिए।
संस्था कार्यालय में सदस्यों की पंजी रखी जावेगी जिसमें निम्न ब्यौरे दर्ज किये जावेंगे :- 1. प्रत्येक सदस्य का नाम, पता, व्यवसाय । 2. वह तारीख जिसमें सदस्यों को प्रवेश दिया हो व अभिदान जमा करने का रसीद नंबर । 3. वह तारीख जिससें सदस्यता समाप्त की गई हो । 4. सदस्यों के हस्ताक्षर ।
(अ) साधारण सभा :- साधारण सभा में नियम में 5 (अ) (ब) (स ) दर्शाये अनुसार श्रेणी के सदस्य समावेशित होंगे। साधारण सभा के बैठक आवश्यकतानुसार हुआ करेगी परन्तु वर्ष एक बार बैठक अनिवार्य होगी। बैठक का माह जनवरी तथा बैठक का स्थान व समय कार्यकारिणी समिति द्वारा निश्चित कर 15 दिवस पूर्व प्रत्येक सदस्य को सूचना दी जावेगी । बैठक का कोरम 3 / 5 सदस्यों का होगा। संस्था की प्रथम आमसभा पंजीयन दिनांक से 03 माह के भीतर बुलाई जावेगी । उसमें संस्था के पदाधिकारियों का विधिवत् निर्वाचन किया जावेगा। (ब) प्रबंधकारिणी सभा :- प्रबंधकारिणी सभा की बैठक प्रत्येक माह होगी तथा बैठक का एजेण्डा तथा सूचना बैठक दिनांक से सात दिन पूर्व कार्यकारिणी के प्रत्येक सदस्य को भेजा जाना आवश्यक होगा। यदि बैठक में कोरम 1/2 सदस्यों की होगी। यदि बैठक का कोरम पूर्ण नहीं होता है तो बैठक एक घंटे के लिये स्थगित की जाकर उसी स्थान पर उसी दिन पुनः की जा सकेगी, जिसके लिये कोरम की कोई शर्त नहीं होगी । (स) विशेष :― समिति के कुल सदस्यों की संख्या के 2 / 3 सदस्यों द्वारा किसी भी विषय पर विचार करने के लिए संस्था के विशेष बैठक बुलाने हेतु अध्यक्ष को सदस्यों द्वारा अनुरोध पत्र दिया जावेगा, ऐसे आवेदन पत्र उल्लेखित विषय पर आमसभा आयोजित किया जाकर संकल्प पारित किया जावेगा । विशेष संकल्प पारित हो जाने हेतु आवेदन करें तो उनके दर्शाये विषय पर संकल्प की प्रति बैठक पंजीयक को संकल्प पारित हो जाने के दिनांक से 45 दिन के भीतर भेजा जावेगा। पंजीयक को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने तथा समिति को परामर्श देने का अधिकार होगा ।
(क) संस्था के पिछले वर्ष का वार्षिक विवरण प्रगति प्रतिवेदन स्वीकृत करना । (ख) संस्था की स्थाई निधि व सम्पत्ति की ठीक व्यवस्था करना । (ग) आगामी वर्ष के लिये लेखा परीक्षकों की नियुक्ति करना । (घ) अन्य ऐसे विषयों पर विचार करना जो प्रबन्धकारिणी द्वारा प्रस्तुत हो । (च) संस्था द्वारा संचालित संस्थाओं के आय-व्यय पत्रकों को स्वीकृत करना । (छ) बजट का अनुमोदन करना ।
नियम 5 ( अ, ब, स ) में दर्शाये गये सदस्यों जिनके नाम पंजी रजिस्टर में दर्ज हो बैठक में बहुमत के आधार पर निम्नांकित पदाधिकारियों तथा प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों का निर्वाचन होगा 1. अध्यक्ष - 01 2. उपाध्यक्ष - 01 3. सचिव - 01 4. कोषाध्यक्ष - 01 5. संयुक्त सचिव – 01 एवं कार्यकारिणी सदस्य - 05
प्रबंध समिति का कार्यकाल तीन वर्ष होगा । यथेष्ट कारण होने पर, उस समय तक जब तक कि नई प्रबंधकारिणी समिति का निर्माण नियमानुसार से नहीं हो जाता वर्तमान प्रबंध समिति कार्य करती रहेगी, किन्तु उक्त अवधि 6 माह से अधिक नहीं होगी, जिसका अनुमोदन साधारण सभा से कराना अनिवार्य होगा ।
सेवा निवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़, सेवानिवृत्त और कार्यरत पुलिस अधिकारियों की समस्याओं का समाधान करने, उनके अनुभवों का समाज और विभाग के हित में उपयोग करने और स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह संघ पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, और सामुदायिक सेवाओं के माध्यम से समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करता है। यहां पेशेवर परिषद के सदस्य आपके साथ बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करते हैं।
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